आज के समय में व्यक्ति की पहचान के लिए फिंगर प्रिंटिंग का इस्तेमाल किया जाता है। क्राइम की दुनिया में भी अपराधी को पकड़ने के लिए यह एक बड़ा जरिया माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं फिंगरप्रिंट तकनीक का ख्याल सबसे पहले किसे आया था?
आपको बता दें कि इस क्रांतिकारी तकनीक की नींव स्कॉटलैंड के चिकित्सक और वैज्ञानिक हेनरी फॉल्ड्स ने रखी थी। उन्होंने दुनिया के सामने यह साबित किया कि हर व्यक्ति की उंगलियों के निशान पूरी तरह से अलग होते हैं। आइए जानें इस महान वैज्ञानिक की कहानी।
हेनरी फॉल्ड्स का जन्म 1 जून 1843 को स्कॉटलैंड के बीथ शहर में हुआ था। शुरुआत में उनका परिवार काफी खुशहाल और संपन्न था, लेकिन बैंक ऑफ ग्लासगो के डूबने के कारण उनके परिवार पर आर्थिक संकट टूट पड़ा। हालात इतने खराब हो गए कि सिर्फ 13 साल की उम्र में हेनरी को अपनी पढ़ाई छोड़कर नौकरी करनी पड़ी।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक क्लर्क के रूप में की और बाद में एक शॉल बनाने वाले के पास ट्रेनी की तरह काम करना शुरू कर दिया, लेकिन हेनरी के अंदर सीखने की ललक कम नहीं हुई थी। कुछ सालों बाद उन्होंने खुद के दम पर दोबारा पढ़ाई शुरू की। उन्होंने ग्लासगो यूनिवर्सिटी से गणित, तर्कशास्त्र और क्लासिक्स की शिक्षा ली। इसके बाद चिकित्सा विज्ञान में अपनी रुचि के चलते उन्होंने एंडरसन कॉलेज से डॉक्टर की डिग्री हासिल की।
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